Wednesday, August 5, 2009
प्यासे तड़प रहे हैं साहिल करीब रे..
पैसे के पीछे भागे ये दुनिया गरीब रे..
मैं तो संतुष्ट था उससे अब तक जो मिला था..
पर अब क्या करे अभागा जब रोया नसीब रे!!
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